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बिहार में आंधी-बारिश का कहर: अररिया में बच्चों की मौत, गया में किसानों की जान गई, कई जिलों में भारी नुकसान

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पटना/अररिया/गया/बक्सर। बिहार में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं कई जिलों में इसने भारी तबाही भी मचा दी है। तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों से मौत और नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।
सबसे दर्दनाक तस्वीर अररिया जिले से सामने आई है, जहां आंधी-तूफान ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। फारबिसगंज इलाके में अलग-अलग घटनाओं में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पहली घटना दरभंगिया टोला वार्ड संख्या 11 की बताई जा रही है, जहां तेज हवा के कारण एक दीवार अचानक गिर गई। इस हादसे में पांच वर्षीय मासूम मुनाजिर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दूसरी घटना कोठीहाट वार्ड संख्या 2 की है, जहां तेज आंधी के कारण एक फूस का घर भरभराकर गिर गया। घर के नीचे दबने से तीन वर्षीय शिवम कुमार की जान चली गई, जबकि तीन अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि मृतक शिवम के पिता संजय राय एक होटल में काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। अचानक आई इस आपदा ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
आंधी-तूफान का असर सिर्फ घरों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर भी नुकसान हुआ। अररिया शहर के चांदनी चौक पर एक दुकान का शीशा टूटकर गिर गया, जिससे तीन लोग घायल हो गए। वहीं पलासी क्षेत्र में बीएसएनएल का टॉवर गिरने से एक व्यक्ति गंभीर रूप से जख्मी हो गया, जिसे बेहतर इलाज के लिए पूर्णिया भेजा गया है।
फारबिसगंज के फैंसी मार्केट के पास भी एक बड़ा हादसा हुआ, जहां दीवार पर पेड़ गिरने से तीन बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों में से एक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। प्रशासन ने घटनाओं की जांच शुरू कर दी है और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
इधर, गया जिले में भी आंधी-बारिश के दौरान वज्रपात ने दो किसानों की जान ले ली। जानकारी के मुताबिक, डुमरिया प्रखंड के किसान महेंद्र यादव और वजीरगंज के मनोज कुमार सिंह खेत में काम कर रहे थे, तभी अचानक बिजली गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रशासन ने दोनों मामलों में आपदा राहत के तहत मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
वहीं बक्सर में एक घंटे की तेज बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में लगी गेहूं, चना, दलहन और तिलहन की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। पहले खरीफ फसल के नुकसान से जूझ रहे किसान अब रबी फसल के भी बर्बाद होने से काफी परेशान हैं। कई किसानों का कहना है कि इस बार की फसल पर उनकी पूरी उम्मीद टिकी थी, लेकिन मौसम की मार ने सब कुछ बिगाड़ दिया।
राजधानी पटना के बाढ़ अनुमंडल क्षेत्र मोकामा टाल में भी बड़ा हादसा हुआ, जहां वज्रपात की चपेट में आकर आठ मजदूर घायल हो गए। सभी को तुरंत मोकामा ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। इस घटना ने इलाके में दहशत फैला दी है।
मौसम के इस बदलते रुख को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग ने बिहार के कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। विभाग ने 16 जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी, गरज-चमक और वज्रपात की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। लोगों को घरों में सुरक्षित रहने और खराब मौसम के दौरान बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, तेज हवाओं की रफ्तार और बिजली गिरने की घटनाएं अगले कुछ समय तक जारी रह सकती हैं। ऐसे में खासकर किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
इस प्राकृतिक आपदा ने जहां एक ओर तापमान में गिरावट लाकर गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर कई परिवारों को गहरे जख्म भी दिए हैं। कहीं मासूम बच्चों की जान चली गई, तो कहीं मेहनत से तैयार की गई फसलें बर्बाद हो गईं।
कुल मिलाकर बिहार के लिए यह मौसम राहत और आफत—दोनों लेकर आया है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद देने की कोशिश की जा रही है। वहीं आम लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें और सतर्क रहें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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